
काठमांडू। नेपाल में हाल ही में सरकार द्वारा लगाए गए सोशल मीडिया प्रतिबंध के खिलाफ बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए, जिसके बाद राजनीतिक संकट गहरा गया। जनता ने इस प्रतिबंध को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का उल्लंघन बताते हुए विरोध जताया।
सड़कों पर भारी संख्या में लोग उतरकर प्रदर्शन कर रहे थे और सोशल मीडिया पर भी विरोध की लहर दौड़ गई। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से सोशल मीडिया प्रतिबंध तुरंत हटाने की मांग की।इसी बीच, नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने अचानक इस्तीफा दे दिया। उनका कहना था कि देश में बढ़ते विरोध और सामाजिक दबाव को देखते हुए यह निर्णय लेना आवश्यक था। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ओली का इस्तीफा नेपाल की राजनीतिक स्थिरता के लिए एक बड़ा कदम साबित हो सकता है।
नेपाल सरकार ने जनता को आश्वासन दिया है कि आगामी दिनों में सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म के उपयोग को लेकर नई नीतियाँ बनाई जाएँगी, ताकि नागरिकों की स्वतंत्रता सुरक्षित रहे और सामाजिक असंतोष कम हो।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस घटनाक्रम से नेपाल में लोकतांत्रिक मूल्यों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर पड़ने वाले प्रभावों पर ध्यान देने की आवश्यकता है।
