
आदित्यपुर। ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली चोरी रोकने के नाम पर विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। राज्य सरकार ने पूर्व में ही स्पष्ट निर्देश जारी किए थे कि विद्युत चोरी पर सख्ती बरती जाए, लेकिन इसके बावजूद आदित्यपुर ग्रिड कार्यालय के पदाधिकारी मनमाने ढंग से कार्रवाई कर रहे है
चयनित व्यक्तियों को बनाया जा रहा निशाना
ग्रामीणों ने कहा कि चोरी-छिपे कनेक्शन विभागीय मिलीभगत से ही दिए जाते हैं। बावजूद इसके, कार्रवाई केवल चुनिंदा व्यक्तियों या गरीब दुकानदारों पर की जाती है। पूरे गाँव में कई दुकानें संचालित हो रही हैं, लेकिन उन पर कोई कार्यवाही नहीं की गई। इसके विपरीत एक छोटे दुकानदार, जिसने अपने घर में विधिवत् वायरिंग कर रखी है और केवल इन्वर्टर से बल्ब जलाता है, उसे ही दोषी ठहराकर केस कर दिया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि कोई गरीब परिवार बिना कनेक्शन के बिजली का उपयोग कर रहा है, तो विभाग को नियमित कनेक्शन देकर राहत देनी चाहिए। लेकिन हकीकत इसके विपरीत है—गरीबों पर केस ठोका जा रहा है और वास्तविक दोषियों को संरक्षण दिया जा रहा है।
आदित्यपुर ग्रिड कार्यालय तथा कनीय अभियंता की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराई जाए और भ्रष्टाचार व पक्षपात में संलिप्त अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई हो।



