पूर्वी आयरन कंपनी में मजदूर मृतक के परिजनों का आरोप
कंपनी प्रबंधन 5 लाख रुपये का मुआवज़ा देकर मामला निपटाने की कोशिश

सरायकेला-खरसावां, झारखंड।
आदित्यपुर स्थित पूर्वी आयरन कंपनी में 21 अगस्त 2025 को काम के दौरान एक मजदूर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक के परिजनों का आरोप है कि कंपनी प्रबंधन ने पूरी घटना को दबाने की कोशिश की और न्याय के बजाय दबाव बनाकर केवल 5 लाख रुपये का मुआवज़ा देकर मामला निपटाने की कोशिश की।
मिली जानकारी के अनुसार परिजनों का कहना है कि कंपनी ने शव को जबरन वाहन में रखवाकर सौंप दिया और उनसे जबरन कागज़ों पर हस्ताक्षर करवा लिए। इतना ही नहीं, मृतक के परिजनों के मोबाइल फोन भी छीन लिए गए ताकि वे किसी से संपर्क न कर सकें। परिवार का आरोप है कि कंपनी प्रबंधन ने उन्हें भ्रमित कर यह दिखाया कि उन्हें नौकरी और मुआवज़ा दिया जाएगा, लेकिन आज तक कोई ठोस मदद नहीं मिली।
परिजनों ने बताया कि मृतक रोज़ाना कठिन परिस्थितियों में काम करता था, पर कंपनी ने सुरक्षा के पर्याप्त इंतज़ाम नहीं किए थे। यह मौत लापरवाही और असुरक्षित कार्य-परिस्थितियों का परिणाम है।
परिजनों का कहना है कि उन्हें अब तक न्याय नहीं मिला है और वे सरकारी स्तर पर जाँच की माँग कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक दोषियों पर कार्रवाई नहीं होगी और उचित मुआवज़ा नहीं दिया जाएगा, तब तक वे चुप नहीं बैठेंगे।
मृतक परिवार की प्रमुख माँगें —
परिवार को कम से कम 15 लाख रुपये का उचित मुआवज़ा दिया जाए।
परिवार के एक सदस्य को कंपनी में स्थायी नौकरी दी जाए।
कंपनी प्रबंधन की लापरवाही और दबाव की निष्पक्ष जाँच हो।
परिवार ने कहा —
> “हमारे साथ अन्याय हुआ है। हमने अपने घर का सहारा खो दिया, और कंपनी ने सिर्फ पैसों से हमें चुप कराने की कोशिश की। हम तब तक लड़ेंगे जब तक हमें न्याय नहीं मिलता।”
यह घटना न सिर्फ एक परिवार के दर्द की कहानी है, बल्कि उस सिस्टम पर भी सवाल खड़ा करती है जहाँ मजदूर की जान की कोई कीमत नहीं समझी जाती।


