गरीब परिवार से निकले ‘डिजिटल सुभाष’
तिरुलडीह के सुभाष कालिंदी ने यूट्यूब पर रचा सफलता का नया इतिहास

ईचागढ़: सरायकेला-खरसावां जिला के कुकडू प्रखंड अंतर्गत तिरुलडीह गांव के युवा सुभाष कालिंदी आज सोशल मीडिया की दुनिया में एक प्रेरणा का नाम बन चुके हैं। बेहद गरीब परिवार से आने वाले सुभाष ने अपनी मेहनत और लगन के दम पर वह कर दिखाया है, जो बड़े शहरों में रहकर भी कई लोग सोच नहीं पाते।
कुछ ही महीनों में सुभाष ने अपने यूट्यूब चैनल “डिजिटल सुभाष” पर 50,000 से अधिक सब्सक्राइबर हासिल कर लिए हैं। उनकी यह उपलब्धि न केवल उनके संघर्ष की कहानी कहती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि अगर मन में जज़्बा हो तो सफलता किसी साधन या स्थिति की मोहताज नहीं।
गांव के अधिकांश लोग जहां रोजगार की तलाश में महानगरों की ओर पलायन करते हैं, वहीं सुभाष ने ठान लिया कि वे अपने गांव से ही कुछ बड़ा करेंगे। उन्होंने एक साधारण एंड्रॉइड मोबाइल से वीडियो बनाना शुरू किया और खुद ही वीडियो एडिटिंग सीखकर अपने चैनल पर सरकारी योजनाओं, जनकल्याणकारी कार्यक्रमों और ग्रामीण समस्याओं से जुड़ी जानकारी साझा करने लगे। सुभाष कहते हैं — “सरकारी योजनाओं की जानकारी की कमी के कारण कई लोग उसका लाभ नहीं उठा पाते। मैंने ठाना कि सही जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाई जाए।”
उनकी यह सोच धीरे-धीरे लोगों के दिलों में उतर गई। आज उनके चैनल के जरिये हजारों ग्रामीण लोग जागरूक हो रहे हैं और सरकारी योजनाओं का लाभ उठा पा रहे हैं। ‘डिजिटल सुभाष’ अब केवल एक यूट्यूब चैनल नहीं, बल्कि यह मेहनत, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की मिसाल बन चुका है। सुभाष कालिंदी ने यह साबित कर दिया है कि सपनों की उड़ान के लिए पंख नहीं, हौसले चाहिए।




