
घाटशिला उपचुनाव जैसे-जैसे अपने निर्णायक दौर में प्रवेश कर रहा है, झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (J.L.K.M.) के नेताओं ने पूरी ताकत झोंक दी है। पार्टी के केंद्रीय संगठन मंत्री उमेश महतो ने एक बड़ा निर्णय लेते हुए घोषणा की है कि वे रामदास मुर्मू जी की जीत सुनिश्चित होने तक अपने घर नहीं जाएंगे।
महतो ने कहा, “यह चुनाव केवल एक प्रत्याशी का नहीं, बल्कि झारखंड की अस्मिता, भाषा, संस्कृति और आम जनता की आवाज़ का चुनाव है। जब तक हमारे उम्मीदवार रामदास मुर्मू की विजय नहीं होती, तब तक घर लौटना उचित नहीं समझता।”

घाटशिला विधानसभा उपचुनाव में रामदास मुर्मू झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा की ओर से मैदान में हैं। पार्टी कार्यकर्ता और स्थानीय समर्थक जनसंपर्क अभियान में जुटे हैं। उमेश महतो लगातार ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं और जनता से अपील कर रहे हैं कि वे “झारखंडी अस्मिता और विकास की राजनीति” के पक्ष में मतदान करें।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय संगठन मंत्री के इस त्यागपूर्ण निर्णय ने कार्यकर्ताओं में नया जोश भर दिया है। कार्यकर्ता इसे “झारखंडी भावना का उदाहरण” मान रहे हैं। उमेश महतो का यह निर्णय संगठन के प्रति उनकी निष्ठा और जनता के प्रति उनकी जिम्मेदारी को दर्शाता है। उन्होंने कहा, “रामदास मुर्मू की जीत से ही जनता की जीत संभव है।”
घाटशिला उपचुनाव अब महज़ राजनीतिक मुकाबला नहीं रहा, बल्कि यह झारखंड की पहचान और संकल्प की लड़ाई बन गया है।


