
सरायकेला-खरसावां जिले के तिरुलडीह स्थित स्वर्णरेखा नदी घाट पर सोमवार की शाम छठ व्रतियों ने पूरे श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ डूबते सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया। सूर्यास्त से पहले ही घाट पर व्रतियों और श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं। महिलाएं पारंपरिक परिधानों में सजी, सिर पर डाला और कलश लिए अपने परिवार सहित घाट की ओर पहुंचीं। भक्ति गीतों और गाजे-बाजे से पूरा वातावरण छठमय बन गया।

घरों से लेकर घाटों तक भक्ति और पवित्रता का माहौल बना रहा। कई दिनों से चल रही तैयारियों का समापन आज सूर्य उपासना के इस पावन क्षण में हुआ। व्रतियों ने पूरे विधि-विधान से सूर्य देव और छठ माता की पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि और कल्याण की प्रार्थना की।
इस दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधि, समाजसेवी और सैकड़ों श्रद्धालु घाट पर मौजूद रहे और एक-दूसरे को पर्व की शुभकामनाएं दीं। वहीं प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती। घाट पर पुलिस बल, दंडाधिकारी और गोताखोरों की तैनाती की गई थी ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।
प्रकाश, जल और स्वच्छता व्यवस्था का समुचित प्रबंध किया गया था। श्रद्धा, अनुशासन और भक्ति के संग संपन्न हुआ यह पर्व तिरुलडीह के स्वर्णरेखा नदी घाट पर आस्था और एकता का सजीव उदाहरण बन गया।

